अप्रतिम कविताएँ
प्रतीक्षा
मैं और तुम
वृत्त की परिधि के
अलग अलग कोनों में
बैठे दो बिन्दु हैं,
मैनें तो अपनें
हिस्से का अर्धव्यास
पूरा कर लिया ,
क्या तुम केन्द्र पर
मुझसे मिलनें के लिये आओगी ?
- अनूप भार्गव
Anoop Bhargava
email: [email protected]
विषय:
प्रेम (63)
गणित विज्ञान (9)

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गले मिल रहे हैं रंग

जब मिलता है गले एक रंग
दूसरे रंग से
बदल जाता है ...
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