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विनीत मिश्रा
विनीत मिश्रा की काव्यालय पर रचनाएँ
शून्य कर दो

विनीत मिश्रा लखनऊ विकास प्राधिकरण में कार्यरत हैं। 12 वर्ष से सरकारी सर्विस में हैं। उससे पहले 5 वर्ष सेल्स लाइन मे रहे। औपचारिक शिक्षा बी.कॉम और एम. ए. समाजशास्त्र में प्राप्त की है।

कविता रचने से मुझे बहुत सुकून मिलता है। लगता है जैसे मैं रचयिता हूँ। मैं ही स्वयं माँ हूँ और मैं ही पिता। मैं तो रच के सुकून पा जाता हूँ पर जब दुनिया मेरी रचना को प्रेम देती है तो मुझे अपनी रचना से और ज्यादा प्रेम और स्नेह हो जाता है। काव्यालय में मैंने स्तरीय रचना पढ़ पढ़ के अपने स्तर को सुधारने का प्रयास किया और थोड़ा सफल भी रहा। मुझे कविता के नियम कानून नहीं पता और मैं कभी जानने का प्रयास भी नहीं करता। अच्छे कवियों को पढ़ कर अपने आप ही काफी कुछ सही गलत का अंदाज हो जाता है। जैसे कोई ड्राइवर गाड़ी चला चला के रोज बेहतर होता हो।

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