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कनुप्रिया मोहन्ती

कनुप्रिया मोहन्ती की आवाज़ में अन्य कवियों की रचनाएँ
कनुप्रिया (अंश 1) आम्र-बौर का गीत - धर्मवीर भारती
इस ब्रह्माण्ड में कनुप्रिया मन से कवि और व्यवसाय से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। यदि उनके इस भौतिक संसार का कोई समानांतर संसार होता तो शायद वह पत्रकार होतीं, या अन्तरिक्ष अन्वेषक। अपनी दिन भर की नौकरी, पति, तीन बच्चे और दो पालतू कुत्तों के साथ वक्त बिताने के बाद जो चन्द घड़ियाँ उन्हें मिलती हैं, वह पढ़ने में, विशेषरूप से विज्ञान गल्प (science fiction) पढ़ने में व्ययतीत करती हैं। बचपन में वह कविता लेखन और कवितापाठ करती थीं। अब वह अपनी रचनात्मक प्रवत्ति की संतुष्टि अपने ऑफिस की पत्रिका का सम्पादन और लेखन से प्राप्त करती हैं। प्रकृति, और शब्द की शक्ति उन्हे विशेष रूप से मुग्ध करती है। कनुप्रिया के मतानुसार शिक्षा, सौहार्द्य और करुणा से विश्व की सारी समस्याओं का निवारण हो सकता है।


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