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थारी साली छां
गणगौर पूजा में औरतें यह मारवाड़ी सीठना गाती हैं।
जयपुर में, चौड़ा रास्ता में, गणगौर के दिन ईसर-गणगौर की बड़ी झांकी निकलती है। पूरे रास्ते औरतें झरोखों से देखती हैं।

मारवाड़ी मूल

थारी साली छां

शब्दार्थ


ईसर जी तो पेचो बान्ध
गोरांबाई पेंच संवार ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां


ईसर: ईश्वर, शिवजी; पेचो: पगड़ी
गोरांबाई: गौरी; पेंच: पगड़ी के घुमाव
म्हें: मैं (हम लोग); थारी: आपकी; छां: हैं

साली छां मतवारी ओ राज
भंवर पटां पर वारी ओ राज
केसर की सी क्यारी ओ राज
लूंगा की सी बाड़ी ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां


भंवर पटां पर वारी: शिव के बाल पर फिदा

लौंग का बगीचा

ईसर जी तो मोती पैर
गोरांबाई गर्दन सवांर ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां

ईसर जी तो बींटी पैर
गोरांबाई आंगली सवांर ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां

बींटी: अंगूठी

ईसर जी तो बागो पैर
गोरांबाई कली सवांर ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां

बागो: अंगरखा

ईसर जी तो मोचा पैर
गोरांबाई चाल सवांर ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां

मोचा: मोजा

साली छां मतवारी ओ राज
भंवर पटा पर वारी ओ राज
केसर की सी क्यारी ओ राज
लूंगां की सी बाड़ी ओ राज
माय बहन स प्यारी ओ राज
चावां लूंग सुपारी ओ राज
म्हें ईसर थारी साली छां

- लोक गीत
Topic:
Shiv Parvati (4)

***
मुझमें ऐसी तरलता हो जैसे कि मुझमें नदी बह रही हो। मेरे तट पर टीलों पर मन्दिर हों और प्रिय-अप्रिय सभी को मैं स्वीकारूँ -- मच्छ मगर घड़ियाल, सभी का रहना मुझमें होमेरा बदन काट कर नहरें सभी को पोषण पहुँचाएँ।

देखिए शिव बहादुर सिंह भदौरिया की कविता "नदी का बहना मुझमें हो" पर विशेष प्रस्तुति
This Month :
'Shrishti Kaa Saar'
Anshu Johri


rangon kee mRgatRShNaa kaheen
Daratee hai kainavas kee us saadagee se
jise aakRti ke maadhyam kee aavashyakataa naheen
jo kuchh rache jaane ke liye
naShT hone ko hai taiyaar.

sveekaary hai use meree,
kaa(n)patee ungaliyon kee asthirataa
..

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This Month :

'Lekhak'
Aashish Qureshi 'Mahid'


kh़aalee pannaa kisee khet saa
paD़aa rahataa hai ujaaD़.
k़lam kee nok hee banatee hai
kudaal, ha(n)siyaa aur hal.

hal, jo yaadon ko kuredate hue
ateet ko kharonchate hue
..

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