छंद में लिखना - आसान तरकीब - 3
खास विषयों पर लिखना

वाणी मुरारका



पिछला भागअगला भाग

नमस्कार दोस्तो,

इस भाग में हम 12 मात्रा की लय पर खास विषयों पर लिखेंगे।

पिछले भाग में हमने इस लय पर कुछ द्विपदियाँ लिखीं। जो कुछ भी हमसे बन पड़ा।

खास विषयों पर लिखना

पर हम तो यह चाहते हैं न कि हम जिस विषय पर लिखना चाहें, उस विषय पर इच्छित छंद में लिख पायें। तो आज हम उसी का अभ्यास करेंगे। इससे हमारी क्षमता और सुदृढ़ होगी। अपनी क्षमता पर हमारा विश्वास बढ़ेगा।

तो कुछ सामान्य विषय लेते हैं, जैसे कि --

  • इस वक्त कमरे के बाहर क्या हो रहा है
  • क्या खाने का मन कर रहा है
  • सुबह उठ कर आप क्या करते हैं

इस बार हरेक विषय पर हम चार-चार पंक्ति लिखेंगे। वही – पहले ताल को बार बार दोहराना है। फिर लय को अपने आप बहने देना है। ज्यादा वक्त नहीं लगाना है – कुल 15-20 मिनट। कुछ बहुत शानदार लिखने की कोशिश नहीं करनी है। अभ्यास अभी भी छंद में लिखने का हो रहा है।

आप लिखें उसके पहले मैं कुछ उदाहरण दूँ कि मैंने जब प्रयास किया तो मुझसे क्या बना --

पहले लय वापस याद कर लें

"धा धिन ना
ना तिन ना"
की लय पर लिखना है

मेरा प्रयास

"कमरे के बाहर क्या हो रहा है" -- पर मैंने लिखा
सूरज डूबा कबका
संध्या दीपक जलता
टीवी को हैं घेरे
पापा बच्चे सारे

"क्या खाने का मन कर रहा है" पर
मछली की इच्छा है
पर हम शाकाहारी
कैसी यह उलझन है
सेहत भी है प्यारी

"सुबह उठ कर क्या करती हूँ" पर
कोशिश तो करती हूँ
“उसको” मन में धर लूँ
पर कैसे ध्यान लगे
मन भटके मैं भटकूँ

देखिए यहाँ "ध्यान लगे" की लय कुछ अलग लग रही है, पर कुल 6 मात्रा हैं और पंक्ति को कहने में उतना ही वक्त लग रहा है क्योंकि पंक्ति कुल 12 मात्रा की ही है।

(छंद प्रतिरूप गीत गतिरूप में निर्मित)

शब्द में आधे अक्षरों का लय पर क्या असर पड़ता है जानने के लिए यह वीडियो देखें

एक बारीकी - Odd Maatraa Words, Even Maatraa Rhythm

अब आप लिखें उसके पहले एक बारीकी कि बात करें --

हम जिस छंद में लिख रहे हैं वह सम अंकों का, even numbers का छंद है -- 12 मात्रा का| तो आपने गौर किया होगा कि जब दो या चार मात्राओं के शब्द लिखते हैं, समस्या नहीं होती है। जैसे "पापा कब आओगे"।

(छंद प्रतिरूप गीत गतिरूप में निर्मित)

किन्तु यदि कोई विषम मात्रा, odd number जैसे तीन या पाँच मात्राओं का शब्द मन में आता है तो कुल बारह कैसे हो? जैसे "नहीं" -- 3 मात्रा। "बोलिए" -- 5 मात्रा। ऐसे में मन में संग ही संग यह इच्छा पैदा हो जाए कि जल्द ही कोई और विषम मात्रा का शब्द आ जाए जिससे विषम विषम मिलकर सम हो जाएँ -- जैसे "नहीं कभी" -- तीन तीन, छह।

(छंद प्रतिरूप गीत गतिरूप में निर्मित)

बस मन में यह बात आ जाए, उसकी पूर्ति के लिए ज्यादा दिमाग नहीं लगाना है क्योंकि अभी भी हमारा प्रयास रहेगा कि लय अपने आप बहे।

आपकी बारी

अब आपकी बारी है। पहले ज़ोर से कहकर, ताली बजाकर लय को दोहराइए

धा धिन ना - ना तिन ना
धा धिन ना - ना तिन ना
धा धिन ना - ना तिन ना
धा धिन ना - ना तिन ना

जितनी बार दोहराएंगे, अच्छा है।

अब इन विषयों पर चार-चार पंक्तियां लिखिए

  • इस वक्त कमरे के बाहर क्या हो रहा है
  • क्या खाने का मन कर रहा है
  • सुबह उठ कर आप क्या करते हैं

अगला भाग महत्वपूर्ण है -- 16 मात्रा की लय पर लिखना।

प्रकाशित : 16 फरवरी 2025

Topic:
Craft of Poetry (15)
***
Donate
A peaceful house of the beauty and solace of Hindi poetry, free from the noise of advertisements... to keep Kaavyaalaya like this, please donate.

₹ 500
₹ 250
Another Amount
Vani Murarka
's other poems on Kaavyaalaya

 Agar Suno To
 Adhooree Saadhanaa
 Gahraa Aangan
 Chup See Lagee Hai
 Jal Kar De
 Desh Kee Naagarik
 Dheere-dheere
 Shahar Kee Diwali Par Amaavas Kaa Aahvaan
मुझमें ऐसी तरलता हो जैसे कि मुझमें नदी बह रही हो। मेरे तट पर टीलों पर मन्दिर हों और प्रिय-अप्रिय सभी को मैं स्वीकारूँ -- मच्छ मगर घड़ियाल, सभी का रहना मुझमें होमेरा बदन काट कर नहरें सभी को पोषण पहुँचाएँ।

देखिए शिव बहादुर सिंह भदौरिया की कविता "नदी का बहना मुझमें हो" पर विशेष प्रस्तुति
This Month :
'Shrishti Kaa Saar'
Anshu Johri


rangon kee mRgatRShNaa kaheen
Daratee hai kainavas kee us saadagee se
jise aakRti ke maadhyam kee aavashyakataa naheen
jo kuchh rache jaane ke liye
naShT hone ko hai taiyaar.

sveekaary hai use meree,
kaa(n)patee ungaliyon kee asthirataa
..

Read and listen here...
This Month :

'Lekhak'
Aashish Qureshi 'Mahid'


kh़aalee pannaa kisee khet saa
paD़aa rahataa hai ujaaD़.
k़lam kee nok hee banatee hai
kudaal, ha(n)siyaa aur hal.

hal, jo yaadon ko kuredate hue
ateet ko kharonchate hue
..

Read and listen here...
संग्रह से कोई भी कविता | काव्य विभाग: शिलाधार युगवाणी नव-कुसुम काव्य-सेतु | प्रतिध्वनि | काव्य लेखहमारा परिचय | सम्पर्क करें

a  MANASKRITI  website