जो तुम तोरौ राम
जो तुम तोरौ राम, मैं नहिं तोरौं,
तुम सो तोरि कवन संग जोरौं॥
तीरथ बरत न करौं अंदेसा, तुम्हरे चरन कमल को भरोसा॥
जहँ जहँ जावों तुम्हरी पूजा, तुम सा देव और नहिं दूजा॥
मैं अपनो मन हरि सों जोर्यो, हरि सो जारि सवन सों तोर्यो॥
सबहीं पहर तुम्हरी आसा, मन क्रम बचन कहै 'रैदासा'॥
- रैदास

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इस महीने
'जल कर दे'
वाणी मुरारका


ईश्वर मुझको जल कर दे
सीमित कर सागर कर दे

मोड़े तू जिस ओर मुझे
चल दूँ दे जी-जान तुझे

चट्टानों से ढल कर के
निर्मल निर्झर सा कर दे ...
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शुक्रवार 19 जनवरी को

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